अजीब थी इस फुटबॉलर की आखिरी इच्छा….

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कभी कभी कुछ इंसान अपनी जिंदगी की आखरी इच्छा पूरी करने के लिए सब कुछ कुर्बान कर देता है, पर कई बार वो ऐसा अनोखा काम कर देता है की देखने वाले देखते ही रह जाते है| जी हा ऐसा ही कुछ कर दिया एक पूर्व फुटबॉलर हर्बर्ट विंस्टन ने|

उनकी इच्छा इतनी अजीब और सही थी की उनके परिवार वालो को उसे पूरा करने के लिए लगभग 9000 किमी दूर आना पड़ा और उसके लिए उनको 10 महीने का समय भी लगा| उसकी इस इच्छा पूरा करने के बाद इनके पुरे परिवार को बहुत सुकून और खुशी है|

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दरअसल हर्बर्ट 1944 में भारत में मिजोरम में पोस्टिंग थे| और उनकी नौकरी असम रायफल में लगी थी| वह यहाँ फुटबॉल खेला करते थे| और यही से उन्होंने अपनी जिंदगी में इस खेल को अपनाया था| हर्बर्ट के परिवार के अनुसार उनकी आखिरी इच्छा यह थी की मरने के बाद उनकी राख को असम रायफल के लामौल मैदान में बिखेर दिया जाये|

उनकी इसी इच्छा को पूरी करने के लिए हर्बर्ट का पूरा परिवार ब्रिटेन से भारत आया| हर्बर्ट के बेटे जॉन के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी से यह कहा था की मरने के बाद उनकी राख को उस जगह डाल कर आये जहा उन्होंने सबसे ज्यादा फुटबॉल खेला था|

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रिपोर्ट के अनुसार 1944 में हर्बर्ट की असम रायफल में पोस्टिंग हुई और उसी के बाद उन्होंने यहाँ गोलकीपर के रूप में फुटबॉल खेलना शुरू किया| उसके बाद हर्बर्ट की 1 साल बाद रोकामलोवी से शादी हो गई| आजादी के बाद कई ब्रिटिश तो घर लौट गए पर हर्बर्ट नहीं गए| उसके बाद उनकी बीवी रोकामलोवी काम करने के लिए ब्रिटेन चली गई और कुछ समय बाद हर्बर्ट भी उनके साथ चले गए|

पर फुटबॉल के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ| और हमेशा ही यूनाइटेड क्लब की गतिविधियों पर ध्यान दिया करते थे| 2014 में जब मिजोरम ने संतोष ट्राफी जीती थी तब भी हर्बर्ट ने बधाई सन्देश भेजा था| हर्बर्ट का 19 जनवरी 2016 में देहांत हो गया|

हर्बर्ट के 10 बच्चे है| और नवम्बर की शुरुवात में उनकी पत्नी रोकामलोवी के साथ उनके परिवार के 25 सदस्य यहाँ आये थे| उनकी अंतिम इच्छा को पूरा करने में उनके परिवार को 10 महीने का समय लगा|

जब उनका परिवार मिजोरम पंहुचा तो हर्बर्ट को श्रधांजली अर्पित करी गई और 1 मिनट का मौन भी रखा गया|


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